October 26, 2026

कीलों पर लेटकर माता की अनोखी भक्ति , भक्त ने शरीर में स्थापित की अखंड ज्योति

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कुरुद ब्लॉक के सिर्री गांव में माता की अनोखी भक्ति देखने को मिल रही है.जहां एक भक्त कीलों पर लेटकर अखंड ज्योति जला रहा है.

धमतरी : कुरूद ब्लॉक से 45 किलोमीटर दूर सिर्री गांव में एक भक्त की नवरात्रि पर अनोखी भक्ति देखने को मिली. माता के भक्त ने कील लगी शैय्या पर लेटकर अपने पेट पर अखंड ज्योति जलाई है.भक्त के दर्शन करने वालों का कहना है कि कील या कांटा चुभने से शरीर में पीड़ा अत्यंत होती है. यहां सैकड़ों कील पर लेट कर माता की भक्ति करने वाले को जरुर माता ने आशीर्वाद दिया है.

कौन है माता का भक्त ?: जो शख्स कील पर लेटकर पूरे नौ दिन माता की आराधना करता है उसका नाम है चंदन.चंदन के पिता बांस की टोकरी समेत दूसरे सामान बनाकर जीपनयापन करते हैं.परिवार की माने तो साल 2007 से चंदन माता की भक्ति कर रहे हैं.पहले चंदन ने मौन व्रत रखकर आराधना शुरु की.लेकिन इसके दो साल बाद ही कील पर लेटकर अपनी भक्ति माता के प्रति अर्पित की.

9 दिनों तक कीलों पर लेटकर आराधना : सिर्री निवासी 31 साल के चंदन सुपल भगत ने अपने सीने में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की है. 22 सितंबर से नवरात्रि के शुरु होने से ही कीलों से बने बिछौने पर लाल रंग की चुनरी बिछाकर उसमें लेटा हुआ है. साथ ही सीने में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की है. चंदन ने बताया कि वो 9 दिनों तक इसी अवस्था में ही रहेंगे और उठेंगे भी नहीं.


माता ने सपने मे दिए थे दर्शन : चंदन के मुताबिक वो अपनी ज्योति कलश की देखरेख पंडा के सहयोग से करते हैं. उन्होंने कहा कि साल 2007 में नवरात्रि के 9 दिनों तक मौन व्रत धारण किया था.सिरकट्टी आश्रम के भुनेश्वरी शरण दास महाराज कुटेलाधाम पांडुका से दीक्षा ली. साल 2009 में नवरात्रि के अवसर पर पूरे 9 दिन निर्जला एवं बिना कोई आहार ग्रहण किए व्रत रखा था. 2023 में उनको सपने में ज्योति प्रज्ज्वलित होती हुई दिखाई देती थी.

सपने में माता के दर्शन होने के बाद ज्योत जंवारा ही लगातार सपने में आते रहता था.नवरात्रि में सीने में अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित करने की उसने सोची. फिर माता के आदेश का पालन करते हुए माता उनसे अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की. सपने में माता बालरूप में आईं थी.फिर तालाब के पास लेकर गईं.जहां तालाब के बीच में कील लगा झूला था. तब मैंने लोगों से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि माता कील के शयन पर आराधना चाहती हैं- चंदन माता का भक्त

ग्रामीणों ने चंदन की भक्ति को सराहा : चंदन की सेवा में लगे पंडा कमल निषाद ने कहा कि वे गुरु की सेवा कर रहे है. उन्हें यह सब करके अच्छा लग रहा है माता का आशीर्वाद मिल रहा है.वहीं स्थानीय तुलसीराम साहू ने कहा कि एक कील या कांटे चुभने से शरीर को अत्यंत पीड़ा होती है.लेकिन चंदन सैकड़ों कील पर सोए हुए हैं. माता की कृपा उन पर है.


2007 में जब चंदन मौन व्रत रखे थे, तब ये सब करने से मना किया था. लेकिन माता की आस्था को देखते हुए उसका साथ दिया. चंदन दुर्गा माता को आराध्य मानकर व्रत रख रहे हैं. हम बांस से टोकरी, सूपा बनाते हैं. इसी से ही जीवन चलता है – महेश कुमार, चंदन के पिता


वहीं गांव के सरपंच देशांत सिंह ने कहा कि ये हमारे गांव के लिए सौभाग्य की बात है कि भाई चंदन ने माता की अनोखी आस्था की है. जिसे देखने लोग आ रहे हैं निश्चित ही मां का आशीर्वाद उन्हें जरूर प्राप्त होगा.

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