महासमुंद पुलिस की धमाकेदार रेड: BJP नेता और व्यापारियों की गिरफ्तारी से सियासी तूफान, 7 लाख कैश जब्त..!
महासमुंद, 23 अक्टूबर 2025 छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक ऐसी घटना घटी है जो न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य की राजनीति और समाज को झकझोर रही है। कल देर रात पुलिस ने शहर के चर्चित होटल बालाजी पर अचानक छापेमारी की, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। इस ऑपरेशन में कुल 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कुछ प्रमुख स्थानीय नेता और शहर के जाने-माने कारोबारी शामिल हैं। छापे के दौरान पुलिस ने मौके से लगभग 7 लाख रुपये की नकदी बरामद की, साथ ही शराब की बोतलें और कई मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। यह कार्रवाई इतनी गोपनीय और तेज थी कि होटल के आसपास के लोग भी हैरान रह गए।
रात के अंधेरे में पुलिस का अचानक हमला
रात करीब 11 बजे की बात है, जब शहर की सड़कें शांत हो चुकी थीं। अचानक पुलिस की कई गाड़ियां होटल बालाजी की तरफ रुकीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस टीम ने बिना किसी हंगामे के होटल के मुख्य प्रवेश द्वार को चारों तरफ से घेर लिया और अंदर दाखिल हो गई। लगभग एक घंटे तक चली इस सर्च ऑपरेशन में पुलिस ने होटल के विभिन्न कमरों की गहन तलाशी ली। कमरों से न केवल नकदी मिली, बल्कि कुछ संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी बरामद हुए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह छापा जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) के विशेष आदेश पर किया गया था, और टीम में कोतवाली थाने के प्रभारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इस तरह की तैयारी से साफ है कि पुलिस को पहले से ही होटल में चल रही गैरकानूनी गतिविधियों की पुख्ता जानकारी थी।
BJP नेता और व्यापारियों पर सवालों की बौछार
गिरफ्तार किए गए 17 लोगों में से कुछ की पहचान अभी आधिकारिक तौर पर नहीं की गई है, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इनमें BJP के स्थानीय स्तर के प्रभावशाली नेता और शहर के प्रमुख व्यापारी शामिल हैं। इन नेताओं के नामों का खुलासा न होने से राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह रेड किसी बड़े राजनीतिक साजिश का हिस्सा है? या फिर यह महज एक नियमित जांच? BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति है। वहीं, व्यापारियों की गिरफ्तारी से शहर का व्यापारिक समुदाय भी सकते में है, क्योंकि इनमें से कई लोग स्थानीय बाजारों के बड़े खिलाड़ी माने जाते हैं
होटल बालाजी का विवादास्पद इतिहास
होटल बालाजी महासमुंद में पहले भी कई बार सुर्खियों में रहा है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि यहां देर रात तक संदिग्ध बैठकें और गतिविधियां चलती रहती हैं, जिनमें जुआ, अवैध व्यापार और अन्य गैरकानूनी काम शामिल हो सकते हैं। पहले भी कई शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। अब इस रेड के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि होटल पर स्थायी रूप से कार्रवाई होगी। क्या यह होटल किसी बड़े नेटवर्क का केंद्र था? जांच से यह साफ हो सकता है।
जब्त सामग्री और जांच के संकेत
पुलिस ने मौके से 7 लाख रुपये की नकदी जब्त की है, जो संभवतः किसी अवैध लेन-देन का हिस्सा हो सकती है। इसके अलावा, शराब की बोतलें मिलने से यह संकेत मिलता है कि होटल में पार्टी या बैठक के दौरान नशे का इस्तेमाल हो रहा था। मोबाइल फोन और अन्य सामान की फोरेंसिक जांच से और भी सुराग मिल सकते हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध जुआ, काला धंधा और अन्य अपराधों के खिलाफ है। आरोपियों पर जुआ अधिनियम, शराब अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल, शहर में सन्नाटा
घटना के बाद से महासमुंद के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हंगामा मचा हुआ है। लोग तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं—कौन से नेता पकड़े गए, किस कमरे से पैसा मिला, और क्या यह चुनावी फंडिंग से जुड़ा मामला है? पुलिस की चुप्पी ने इन अटकलों को और बढ़ावा दिया है। वहीं, शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है, लेकिन लोग निजी बातचीत में इसकी चर्चा कर रहे हैं। कई स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की तारीफ की है। एक निवासी ने कहा, “शहर में लंबे समय से ऐसी अफवाहें थीं। पुलिस ने सही समय पर कदम उठाया, वरना यह बड़ा मिशाल बन जाता।”
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आगे की जांच
इस घटना ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। विपक्षी पार्टियों ने BJP पर तीखा हमला बोला है। एक विपक्षी नेता ने कहा, “यह सत्ता के दुरुपयोग का सबूत है। BJP के संरक्षण में ऐसे धंधे फल-फूल रहे हैं।” BJP की ओर से बचाव में कहा जा रहा है कि यह एक सामान्य जांच है और पार्टी किसी गलत काम का समर्थन नहीं करती। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह जांच का शुरुआती चरण है। सभी गिरफ्तारियों को आज अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है। आने वाले दिनों में और नाम सामने आ सकते हैं, और यह मामला एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर सकता है।
महासमुंद की यह रेड न सिर्फ एक पुलिस ऑपरेशन है, बल्कि राजनीति, व्यापार और अपराध के गठजोड़ पर सवाल उठाती है। अब सबकी नजरें पुलिस की अगली रिपोर्ट और अदालती कार्यवाही पर टिकी हैं। क्या यह सिर्फ एक शुरुआत है, या इससे बड़ा खुलासा होगा? समय बताएगा।
