कांग्रेस ने वोट बचाओ- देश बचाओ संविधान बचाओ अभियान के तहत की प्रेस कॉन्फ्रेंस
मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव की मांग – नाना पटोले
सारंगढ़। कांग्रेस पार्टी ने अपने राष्ट्र व्यापी अभियान वोट बचाओ – देश बचाओ – संविधान बचाओं के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए और मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग को लेकर पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के द्वारा जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता ली गई। इस दौरान विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े, विधायक , विधायक राम कुमार यादव, पूर्व विधायक श्रीमती पदमा घनश्याम, मनहर पूर्व विधायक प्रकाश नायक, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ताराचंद देवांगन, पूर्व जिला अध्यक्ष अरुण मालाकार, नपा अध्यक्ष श्रीमती सोनी अजय बंजारे घनश्याम मनहर, सूर्यकुमार तिवारी, संजय दुबे, पुरुषोत्तम साहू, रविंद्र नंदे, अजय बंजारे, कुर्रे जी के साथ सैकड़ो पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस प्रेस वार्ता में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ गोल्डी नायक के द्वारा किया गया उक्त पत्रकार वार्ता में पत्रकार यशवंत सिंह ठाकुर, भरत अग्रवाल, दीपक थवाईत, ओमकार केसरवानी, मिलाप बरेठा, राहुल भारती, संजय मानिकपुरी के साथ अन्य पत्रकार उपस्थित रहे।
महाराष्ट्र से आए नाना पटोले ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि – SIR की आड़ में लाखों पात्र मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। कां. अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान में कांग्रेस ने 3 प्रमुख मांगे रखी हैं – मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा व 2023 के कानून को रद्द करना,SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकना और अवैध रूप से काटे गए नामों को बहाल करना,EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराना। कां ने दावा किया कि देशभर में 13 करोड़ से अधिक वोटरों के नाम काटे गए हैं। पार्टी का आरोप है कि- चुनाव आयोग ने RTI में SIR में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से ट्रेड सीक्रेट बताकर इनकार कर दिया है उप्र के पीलीभीत में 10,470 वोटरों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी का मामला भी उठाया गया। कां. ने घोषणा की है कि – इस मुद्दे को लेकर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली आयोजित की जाएगी। नाना पटोले का कहना है कि – यह लड़ाई सिर्फ वोट बचाने की नहीं बल्कि संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है।
